حمد نعت مناقب اہل بیت منقبت نوحہ مناقب قطب المدار صلاۃ و السلام رباعی غزل

फिदाका वालेदाया बिलयकीना मदारल आलमीना

On: March 5, 2025 4:41 PM
Follow Us:
 फिदाका वालेदाया बिलयकीना मदारल आलमीना

नजम्तो बे मदहका इक्दन समीना मदारल आलमीना


तेरा रौजा है रमहत का नगीना मदारल आलमीना

तेरा मस्कद मिसाले तूरे सीना मदारल आलमीना


उनादी ऐना या शैखददुनाए व अदऊ ऐना या कुत्बुलवराए

सवाका लाग्यासी वल्मोईना मदारल आलमीना


हो तुम महबूब रब्बुल आलमी के हो वारिस रहमतुललिल्आलमर्मी के

अली से पाया तुमने इल्में सीना मदारल आलमीना


फअन्ता आलिमो इलमिल्लदुन्नी अलिमता कुल्लहुम इन्सी वजिन्नी

फअल्लिमनी अना मिन जाहेलीना मदारल आलमीना


तुम्हारा रौजा आँखों में बसाऊँ तुम्हारे दर के बस चक्कर लगाऊँ

अबाबीलों का हो हासिल करीना मदारल आलमीना


तमन्ना है हर एक दिल में मचलती तुम्हारे आस्तों की हाजरी की

तुम्हारे नाम का आया महीना मदारल आलमीना


फइन्नी मुज्रेमुन अन्ता अफिय्युन फइन्नी आसियुन अन्ता शफीयुन

अगिस्नी या वली फी यौमें दीना मदारल आलमीना


मदद अय रहमते आलम के प्यारे जिगर के फातमा बीबी के पारे

घिरा तूफों से हैं मेरा सफीना मदारल आलमीना


जमालुददीन का दामन भरा था मअज़ बिल्खी को जो तुमने दिया था

शजर को भी मिले वो इल्मे सीना मदारल आलमीना
__

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment