حمد نعت مناقب اہل بیت منقبت نوحہ مناقب قطب المدار صلاۃ و السلام رباعی غزل

पढ़ लिया उसने कल्मा उनका

On: March 5, 2025 4:40 PM
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 पढ़ लिया उसने कल्मा उनका

जिसने देखा चेहरा उनका


सारी दुनियाँ ने अपनाया

रस्ता उनका शेवा उनका


रोजे महशर काम आएगा

दामन उनका रिश्ता उनका


जिसमें लाखों सूरज तैरें

ऐसा प्यारा मुखड़ा उनका


चाँद छुपा ले शर्म से चेहरा

देख अगर ले मुखड़ा उनका


सारे आलम के वो दाता

सारा आलम मँगता उनका


पीते हैं सब नाम का उनके

खाते हैं सब सदका उनका


नूर की किरर्ने फूट रहीं हैं

कितना हंसी है चेहरा उनका


कुफ्र कहे ये किसकी जुर्अत

करता शजर है सजदा उनका
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