حمد نعت مناقب اہل بیت منقبت نوحہ مناقب قطب المدار صلاۃ و السلام رباعی غزل

या हुसैन इब्ने अली या हुसैन इब्ने अली

On: March 5, 2025 4:41 PM
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 तुम हो जहरा के जिगर पारे हो तुम नूरे नबी

या हुसैन इब्ने अली या हुसैन इब्ने अली


नूरे हक नूरे अज़ल शम्मे शबिस्ताने अरब

शाहे दी शाहे मुबीं शाहे शहीदाने अरब

हो अरब या हो अजम धूम है हर सिम्त तेरी


या हुसैन इब्ने अली या हुसैन इब्ने अली


फिर से हर सिम्त अन्धेरों की घटा छाई है

चार सू आदा की यलगार है तन्हायी है

फिर से आवाज तुझे देती है ये आल तेरी


या हुसैन इब्ने अली या हुसैन इब्ने अली


दूर हूं तुम से अगर गम नहीं करना सुगरा

अश्क बरसाना नहीं आहें न भरना सुगरा

कितना नजदीक है घर से तेरे दरबारे नबी


या हुसैन इब्ने अली या हुसैन इब्ने अली


सुन्न्ते सरवरे आलम का पता है यारो

करबला खाक नशीनों की जगह है यारो

इन्किसारी की अदा हम को इसी जा से मिली


या हुसैन इब्ने अली या हुसैन इब्ने अली


जुल्म के बाब जो करबल में हैं मफतूह हुये

आले सरकार के जब जिस्म हैं मजरूह हुये

आज बेचैन है तैबा में बहुत रूहे नबी


या हुसैन इब्ने अली या दुसैन इब्ने अली


उम्मती आयेगें पीने वो पिलाने के लिये

तब लईं तरसेंगे उस जुमरे में आने के लिये

जब सबील होगी सरे हश्र तेरी कौसर की


या हुसैन इब्ने अली या हुसैन इब्ने अली


कोई मोनिस कोई गमख्वार नहीं हो सकता

आपसा अय मेरे सरकार नहीं हो सकता

इस शजर पे भी हो सरकार नजर रहमत की


या हुसैन इब्ने अली या हुसैन इब्ने अली
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