حمد نعت مناقب اہل بیت منقبت نوحہ مناقب قطب المدار صلاۃ و السلام رباعی غزل

सारे वलियों के अय ताजदार अल मदद अल मदद या मदार

On: September 23, 2025 4:05 PM
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syed shajar ali manqabat

 सारे वलियों के अय ताजदार अल मदद अल मदद या मदार
तुम हो महबूबे परवरदिगार अल मदद अल मदद या मदार

हम परेशान हैं और मेहमान है आप तो सारे आलम के सुल्तान हैं
गैर मुम्किन तलब गैर से हम करें आप मरकद में खुद जलवा सामान हैं
आप ही हम सभी के निगेहबान हैं आप दीने मुहम्मद की पहचान हैं
मांगते हैं वसीले जो आपके बस वही लोग सच्चे मुसलमान हैं
आप हर इक के हैं गम गुसार अल मदद अल मदद या मदार

अल मदद अल मदद या मदार अल मदद अल मदद या मदार

हम को दरबारे कुत्बुल वरा मिल गया यानी जन्नत का लोगों पता मिल गया
हम को दरबारे कुत्बुल वरा क्या मिला हक के महबूब का सिलसिला मिल गया
आप से ही नबी का पता मिल गया जब नबी मिल गये तो खुदा मिल गया
हमको असहाब की भी मोहब्बत मिली और हसनैन का वास्ता मिल गया
बीबी जहरा के दिल के करार अल मदद अल मदद या मदार
 
अल मदद अल मदद या मदार अल मदद अल मदद या मदार

बे सहारा हूं मैं आसरा कौन है मेरे दर्दे जिगर की दवा कौन है
मैं हूं बीमारे गम और शिफा कौन है कुत्वे दी एक तुम्हारे सिवा कौन है
तुमने मुर्दों को भी जिन्दगी बख्श दी गम के मारों को तुमने खुशी बख्श दी
तीरगी दिल पे जब भी है छाने लगी तुमने कुत्वे जहां रोशनी बख्श दी
सुन लो मेरे भी दिल की पुकार अल मदद अल मदद या मदार
 
अल मदद अल मदद या मदार अल मदद अल मदद या मदार

अल अजल या मदारल्वरा अल अजल अल वहा या मदारददोना अल वहा
नूरे ईमान और दीने हक की ज़िया हमको जो कुछ मिला आप ही से मिला
इन्नका मुअतियुन व अना साएलुन इन्नका मोहसिनुन व अना आसियुन
आप तो हैं सखी और इब्ने सखी आप दाता हैं और हम भिकारी सभी
हम पे चश्मे करम एक बार अल मदद अल मदद या मदार

अल मदद अल मदद या मदार अल मदद अल मदद या मदार

मस्दरे सिलसिला हैं रसूले खुदा किसकी जुरअत मिटाये जो यह सिलसिला
हिन्द में आप से दीं का गुलशन खिला सबको ईमान तो आप ही से मिला
देखना मुन्किरों वह भी दिन आयेगा सिलसिला इनका आलम में छा जायेगा
सच को मानेंगे सब झूट मिट जायेगा अय मुनाफिक तू उस रोज पछतायेगा
तब कहेगा यही बार बार अल मदद अल मदद या मदार

अल मदद अल मदद या मदार अल मदद अल मदद या मदार

मुझ को दौलत न माल और न जर चाहिये फक्र के वास्ते तेरा दर चाहिये
कुत्बे दी एक करम की नजर चाहिये मुझको रंजो अलम से मफ चाहिये
जिसको कुत्बे जहां तेरा दर मिल गया उसको रंजो अलम से मफर मिल गया
जिस पे कोई खिजां का असर ही न हो उसको तकदीर से वह शजर मिल गया
मुझ शजर का है तुमपे मदार अल मदद अल मदद या मदार

अल मदद अल मदद या मदार अल मदद अल मदद या मदार

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