या अय्यो हन्नबी या अय्यो हन्नबी
मुज़्ज़म्मिलो मुददस्सिरो यासीन वल क़रशी
मुज़्ज़क्किरो मोहम्मदो महमूद वल मक्की
नूरुँ व अब्तही या अय्यो हन्नबी
तुम बाइसे तकमिले दीं खत्मे रुसुल तुम हो
हो मन्जिले राहे हुदा नूरे सुबुल तुम हो
तुमसे है रौशनी या अय्यो हन्नबी
अय शाहकारे मालिके सूदोज़ियाँ तुम पर
हर उम्मती की अय शहे कौनों मकाँ तुम पर
कुरबान जिन्दगी या अय्यो हन्नबी
दिल ने हमारे पा लिया है अपना मुद्दआ
इश्के रसूले पाक का है गम इसे मिला
कुरबान हर खुशी या या अय्यो हन्नबी
छूटा जो मुझसे है तेरा दरबार हो गई
तुझसे बिछड़ के अय मेरे सरकार हो गई
बेकैफ जिन्दगी या अय्यो हन्नबी
दोनों जहाँ के मालिको मुख़्तार तुम से है
कहते शजर तारे हैँ अय सरकार तुमसे है
आलम में रोशनी या अय्यो हन्नबी
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