حمد نعت مناقب اہل بیت منقبت نوحہ مناقب قطب المدار صلاۃ و السلام رباعی غزل

अन्ता ले कुल्लिन रहमतो अरहम सल्लल्लाहो अलैका वसल्लम


On: March 5, 2025 4:40 PM
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 अन्ता ले कुल्लिन रहमतो अरहम सल्लल्लाहो अलैका वसल्लम

अन्ता मोअज़्ज़म अन्ता मुकर्रम सल्लल्लाहो अलैका वसल्लम


कामिलो अकमल अकरमो अफहम सल्लल्लाहो अलैका वसल्लम

अजमलो अनवर अहसनों आजम सल्लल्लाहो अलैका वसल्लम


तुझपें है नाजा हजरते ईसा तेरे सनाख्वाँ हज़रते मूसा

फख्रे इब्राहीमो आदम सल्लल्लाहो अलैका वसल्लम


लैसा कमिसलिक फी मख्लूकिन लैसा फी मालिक वा मम्लूकिन

लैसा कमिसलिक फिब्ने आदम सल्लल्लाहो अलैका वसल्लम


तू तो आका अर्श नशी है तेरा हमसर कोई नहीं है

तू ही मोअज्जम तू ही मुकर्रम सल्लल्लाहों अलैका वसल्लम


या मुज्जम्मिल या मुददस्सिर कालल्लाहो कुम फ अनजिर

कुमता अकामददीन फि आलम सल्लल्लाहो अलैका वसल्लम


चाहे ये दुनियाँ जितना रोके टोकने वाला जितना टोके

पढ़ते रहेगें हश्र तलक हम सल्लल्लाहो अलैका वसल्लम


मा अहसनो का वस्फो नबीइन मा अजमलोका वज्हो नबीइन

अन्ता कमरुल्लैलिलमुज़्लम सल्लल्लाहो अलैका वसल्लम


मेरे आका रोजे कयामत जाएगें सब सूए जन्नत

हाथ में लेकर आपका परचम सल्लल्लाहो अलैका वसल्लम
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