حمد نعت مناقب اہل بیت منقبت نوحہ مناقب قطب المدار صلاۃ و السلام رباعی غزل

फिदाका या रसूलल्लाह फिदाका या रसूलल्लाह


On: March 5, 2025 4:39 PM
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 फिदाका या रसूलल्लाह फिदाका या रसूलल्लाह

जमाले रुए अन्वर से हैं ये आँखे मेरी रौशन

पसीना तेरा महकाए हुए है दिल का ये गुलशन

बसा इस दिल में बस तू है कि साँसों में तेरी बू है

है जेहनों में तेरा नक्शा फिदाका या रसूलल्लाह


अबू अय्यूब अन्सारी अनस सलमानों बू मूसा

अबू अस्वद बेलालो जैदो हस्सानो अबू तल्हा

वो सिददीको उमर हैदर वो जुन्नूरैन और बूजर

सहाबा का हर इक बच्चा फिदाका या रसूलल्लाह


सुहानी रात में ये जो सितारे जगमगाते हैं

उतरती चाँदनी है और जुगनू टिमटिमाते हैं

ये भंवरे गीत गाते हैं ये गुल जो मुस्कुराते हैं

तुम्हारे ही लिये आका फिदाका या रसूलल्लाह


तमन्नाए दिली मेरी जो बर आए तो क्या कहना

तुम्हारे आस्तों की दीद हो जाए तो क्या कहना

है आँखो में तेरा रौजा मगर मजबूर हूँ आका

बुला लीजे मुझे तैबा फ़िदाका या रसूलल्लाह


सजाए ख्वाब आखों में बसाए दिल में गम तेरा

हूँ बैठा राहे तैबा पर के कब होगा करम तेरा

बुलावा आएगा कब तक शजर मुस्काएगा कब तक

तेरा दीदार कब होगा फिदाका या रसूलल्लाह
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