حمد نعت مناقب اہل بیت منقبت نوحہ مناقب قطب المدار صلاۃ و السلام رباعی غزل

मदीने जाने वाले मदीने जाने वाले


On: March 5, 2025 4:39 PM
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 मदीने जाने वाले मदीने जाने वाले

लुटा कर इश्क के सजदे जबीं चमकाने वाले


सुनहरी जालियोँ से नूर की किरर्ने बिखरती हैं

जो रौशन ज़ायरे सरकार की आखों को करती हैँ

बसा कर लेते आना वो मन्जर जाने वाले


मदीने जाने वाले मदीने जाने वाले


बुलाया है रसूले पाक ने क्या रोक ले कोई

है किसमें ताब इतनी इनका रस्ता रोक ले कोई

मसाएब से दुनियाँ की नहीं घबराने वाले


मदीने जाने वाले मदीने जाने वाले


बड़ा एहसान है सरकार का सारे जमाने पर

शिफा पाता है हर बीमार उनके आस्ताने पर

बड़े किस्मत वाले हैं वो चौखट पाने वाले


मदीने जाने वाले मदीने जाने वाले


करम की इक नज़र सरकार डालेगें कभी तुझ पर

किसी दिन जमके बरसेगी घटा रहमत भरी तुझ पर

अय इश्के सरवरे दीं में सदफ बरसाने वाले


मदीने जाने वाले मदीने जाने वाले


तुम्हारे इश्क का सरकार है बीमार कह देना

शजर की इल्तजा भी जायरे सरकार कह देना

बुला लें मुझको भी वो करम फरमाने वाले


मदीने जाने वाले मदीने जाने वाले
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