27/12/2024
बे घरों पर जुल्म की है इन्तिहा परदेस है
27/12/2024
बढ़ने दो गमें इश्के हुसैन और जियादा
27/12/2024
गम खानए जुल्मत को हो तन्वीर मुबारक
27/12/2024
अली अली अली अली अली अली अली अली अली अली
27/12/2024
चेहरे से फूटते हुये अनवार भाई जी
27/12/2024
चम चम चमके तेरा रौजा सैय्यद अली
27/12/2024
कुत्बे जहां के सदके सरकार कुत्बे गौरी
27/12/2024

